देवघर/झारखण्ड।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय खादी प्रर्दशनी सह बिक्री कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्पकारों को सम्मानित किया।

साथ ही, मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने खादी के वस्त्रों और हस्तनिर्मित उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली और कारीगरों के हुनर की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्योगों द्वारा तैयार किए गए ये सामान गुणवत्ता और कला का बेजोड़ संगम हैं।

इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान सभी को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा की खादी मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हमारे हस्तशिल्पकारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खादी और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना आज के समय की मांग है। आगे उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गाँवों में कपड़ा बुनने वाली हमारी माताएं और बहनें अत्यंत प्रतिभाशाली हैं। इस मेले ने उन्हें एक ऐसा प्लेटफार्म प्रदान किया है जो उनके हुनरमन्द होने का जीवंत प्रमाण है।

उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार मिलने से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर होंगी। साथ ही उपायुक्त ने खादी को राष्ट्रीय गौरव से जोड़ते हुए कहा कि आज खादी एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रामोद्योग का रूप ले चुका है। इसे अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में लाने से मन में राष्ट्रीयता की भावना पनपती है। उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं ताकि स्थानीय कारीगरों को सबल मिले। इस दौरान उपरोक्त के अलावा राज्य निर्देशक मांगे राम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी व संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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