राँची/ खलारी ।

डीएवी पब्लिक स्कूल, खलारी में आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रोबोटिक्स की कक्षाओं की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।


विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि तकनीक के इस युग में छात्रों को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से विद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रोबोटिक्स अब केवल विज्ञान आधारित फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दैनिक जीवन और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है। वर्ष 2026 तक आते-आते रोबोटिक्स में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के समावेश ने इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।


प्राचार्य ने बताया कि रोबोटिक्स की पढ़ाई को वर्गानुसार तीन स्तरों में विभाजित किया गया है—नर्सरी से द्वितीय, तृतीय से पंचम एवं षष्ठम से अष्टम कक्षा तक। फिलहाल कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है।


कार्यक्रम के दौरान ए-बॉट (A-Bot) मॉडल के माध्यम से रोबोटिक्स का प्रदर्शन किया गया। प्रायोगिक कक्षा में सातवीं कक्षा के छात्रों को मल्टीपल रिमोट कार एवं अन्य मैकेनिकल मॉडलों की जानकारी दी गई। साथ ही कुछ विद्यार्थियों को ए-बॉट मॉडल को स्वयं संचालित करने का अवसर भी प्रदान किया गया, जिससे छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
डॉ. कुमार ने बताया कि रोबोटिक्स एक अंतर्विषयक क्षेत्र है, जिसमें इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान का समन्वय होता है। इसके माध्यम से छात्रों में तार्किक सोच, टीमवर्क तथा यांत्रिक पुर्जों की समझ विकसित होती है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, आने वाले समय में इस पहल को सभी कक्षाओं तक विस्तारित करने की योजना है। रोबोटिक्स की कक्षाओं की शुरुआत से विद्यार्थियों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है और वे इसे बेहद रुचिपूर्वक सीख रहे हैं।

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