राँची : झारखंड को नक्सलियों से मुक्त करने में झारखंड जगुआर की बड़ी भूमिका है. उक्त बातें झारखंड जगुआर के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहीं. इस दौरान अपने संबोधन में डीजीपी ने झारखंड जगुआर परिसर में 9 बेड का अस्पताल और अन्य निर्माण कार्य करने की घोषणा की है. वहीं दूसरी ओर आईजी अनूप बिरथरे ने कहा की झारखंड जगुआर का गठन वर्ष 2008 में लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्म से लड़ने के लिए एक एंटी नक्सल फोर्स के रूप में किया गया था. गठन से लेकर आज तक झारखंड जगुआर ने अपने इस कर्तव्य का निर्वहन भली-भांति किया है और झारखंड राज्य में वामपंथी उग्रवाद से लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है. उन्होंने कहा कि सबसे पहले नमन करूंगा हमारे उन 24 वीर शहीद पदाधिकारी और जवानों का जिन्होंने नक्सलियों के विरुद्ध लड़ते हुए अपने प्राण का सर्वोच्च बलिदान दिया है. मैं उन शहीदों के परिवार को नमन करता हूं उन शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने झारखंड राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है. वर्ष 2008 में गठन से लेकर आज तक झारखंड जगुआर में नक्सली उन्मूलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है. अभी तक कुल 114 मुठभेड़ में 50 से अधिक उग्रवादियों को मार गिराया गया है. वहीं, 300 से अधिक उग्रवादियों की गिरफ्तारी की गई है. साढे चार हजार से अधिक पुलिस हथियार एवं 3000 से अधिक आईडी रिकवर किए गए हैं. Post navigation झारखंड हाईकोर्ट ने झारखण्ड के कुख्यात गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव और उनके साथियों की हत्या के मामले में पांच सजायाफ्ता आरोपियों को किया बरी एम्स देवघर के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला एफआईएसीपी फेलोशिप सम्मान