झारखंड सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का अबुआ बजट पूरी तरह निराशाजनक और दिशाहीन है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेरने वाला है। यह बजट वित्तीय प्रबंधन की विफलता का दस्तावेज़ प्रतीत होता है। सरकार न तो राजस्व सृजन की स्पष्ट रणनीति दे पाई, न ही विकास की ठोस दिशा दिखा सकी। उक्त बातें पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कही। उन्होंने कहा कि इस बजट से युवाओं, छात्रों, बुजुर्गों, महिलाओं को काफी उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ नहीं किया, युवा सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, छात्रों के लिए न नई छात्रवृत्ति, न अवसर दिए गए है, अनुबंधकर्मियों के भविष्य पर कोई विचार नही किया गया है। वहीं किसानों के लिए कोई राहत या विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ठोस पहल का अभाव इस बजट में है, वृद्ध एवं दिव्यांगजन की पेंशन में कोई वृद्धि नहीं है। कुल मिला कर कहा जा सकता है कि यह बजट राज्य के भविष्य के साथ अन्याय है। Post navigation मार्च में बैंक ग्यारह दिन बंद कहीं फंस न जाए आपका काम, होली, ईद और राम नवमी जैसे पर्व कि करे पहले से तैयारी व्यवसाय, कृषि, ग्रामीण विकास सहित हरेक क्षेत्र में बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन